पट्टा महलोग/गोयला।
रिपोर्ट: पवन सिंघ:-
दून विधानसभा के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वर्ष 2023 की आपदा में अपना घर गंवा चुके ग्राम पंचायत गोयला के सिंबल का पानी निवासी लछमन के परिवार पर अब चोरी की मार भी पड़ गई है। आपदा के बाद से जंगल में झोपड़ी बनाकर रह रहे इस परिवार ने मेहनत-मजदूरी कर बरसात से पहले सिर पर पक्की छत डालने के लिए कुछ नकदी और गहने जोड़े थे, लेकिन बीती रात अज्ञात चोर उनकी झोपड़ी से सारी जमा-पूंजी ले उड़े। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और उनके सपने एक झटके में बिखर गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस संसाधनों की भारी कमी के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कुठाड़ पुलिस चौकी के अंतर्गत चंडी, गोयला, पट्टा, दाड़वा सहित 13 पंचायतें आती हैं, लेकिन चौकी में स्टाफ की भारी कमी है। पहले जहां 14 पुलिस कर्मचारी तैनात थे, वहीं अब केवल 9 कर्मचारियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुलिस के पास अपनी सरकारी गाड़ी तक नहीं है और एक निजी बाइक के सहारे विशाल पहाड़ी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि कुठाड़ चौकी में पर्याप्त पुलिस बल और सरकारी वाहन उपलब्ध करवाए जाएं। साथ ही पट्टा महलोग क्षेत्र में नई पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग भी उठाई गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर प्रभावित परिवार को राहत प्रदान करने तथा पहाड़ी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ करने की अपील की है।






