अर्की:-
विश्व स्तनपान सप्ताह की श्रृंखला को आगे बढ़ते हुए आज सिविल अस्पताल अर्की में गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. मुक्ता रस्तोगी, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. विजय कुमार शांडिल, काउंसलर, एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज सिविल अस्पताल अर्की ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित माताओं को स्तनपान के महत्व, जन्म के तुरंत बाद शिशु को माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) पिलाने, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देने के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माँ का दूध शिशु के लिए संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है, जो उसे संक्रमणों से बचाने के साथ-साथ उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान सपना ठाकुर फीमेल हेल्थ वर्कर ने उपस्थित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को नवजात शिशुओं के समय पर टीकाकरण, स्तनपान की सही स्थिति सही तरीके से शिशु को स्तनपान कराने की तकनीक तथा माँ एवं शिशु की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने माताओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया तथा सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण का महत्व बताया।

इस अवसर पर माताओं को स्तनपान से संबंधित विभिन्न भ्रांतियों के बारे में भी जागरूक किया गया तथा उन्हें संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करना था।
अंत में उपस्थित सभी महिलाओं से अपील की गई कि वे जन्म के तुरंत बाद शिशु को माँ का पहला दूध अवश्य पिलाएं, पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराएं तथा छह माह के बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखें।
इस अवसर पर आशा कार्यकर्ता सुनीता बंसल, गीता कश्यप,सुनीता शर्मा और जय देवी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है!






