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15 जून को प्रदेशभर के 3754 नव निर्वाचित प्रधान और उप-प्रधान जिला मुख्यालयों में पद एवं गोपनीयता की लेंगे शपथ।

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अर्की:-
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के बाद अब नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार ने इस बार परंपरा से हटकर प्रधानों और उप-प्रधानों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को जिला स्तर पर आयोजित करने का फैसला लिया है। 15 जून को प्रदेशभर के 3754 नव निर्वाचित प्रधान और उप-प्रधान जिला मुख्यालयों में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।
सरकार के इस फैसले को पंचायत प्रतिनिधियों को सीधे जिला प्रशासन और सरकार से जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार के मंत्री विशेष रूप से मौजूद रहेंगे और नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाएंगे।
पंचायतीराज विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सभी जिलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि किस जिले में कौन मंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होगा, इस पर अंतिम निर्णय 6 जून को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में लिया जा सकता है।
प्रदेश में 31 मई को पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब गांवों की नई सरकारें औपचारिक रूप से कामकाज संभालने के लिए तैयार हैं। इससे पहले जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी अलग-अलग जिलों में तय किए गए हैं।
कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 846 प्रधान और उप-प्रधान शपथ लेंगे, जबकि मंडी में 577 और शिमला में 441 प्रतिनिधि पदभार ग्रहण करेंगे। सरकार का मानना है कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासनिक व्यवस्था से बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा।

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