अर्की;-सूरजपुर वार्ड-02 से जिला परिषद सदस्य शशिकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर राजकीय महाविद्यालय जयनगर को बंद करने की अधिसूचना रद्द करने की मांग उठाई है।
सरकार ने नया मानक तय किया है कि 75 से कम छात्र संख्या वाले महाविद्यालय बंद किए जाएंगे। इसी के चलते जयनगर कॉलेज को बंद करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में कॉलेज में सिर्फ 61 विद्यार्थी हैं। शशिकांत शर्मा ने कहा कि जयनगर कॉलेज लगभग 20 पंचायतों के सैकड़ों गांवों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। अर्की और बिलासपुर जैसे अन्य कॉलेजों की दूरी यहां से 40-50 किमी है। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं और परिवहन सुविधाएं सीमित हैं। इससे विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, को उच्च शिक्षा में भारी दिक्कत होती है।
कॉलेज के प्रारंभिक वर्षों में छात्र संख्या 170 से 200 के बीच थी। लेकिन भवन निर्माण, शिक्षकों की कमी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण छात्र संख्या लगातार घटती गई।
शशीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि:
1. कॉलेज को बंद करने की अधिसूचना वापस ली जाए।
2. भवन निर्माण और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो भविष्य में यहां 300 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाओं की कमी से कॉलेज कमजोर हुआ है, इसलिए इसे बंद करने की बजाय मजबूत करना चाहिए। 20 पंचायतों के बच्चों की पढ़ाई का सवाल है।






