अर्की:- सोलन जिले के अर्की निर्वाचन क्षेत्र में बीते लगभग तीस वर्षों से संचालित शिमला-जूरीपतन (वाया जामली) बस सेवा के यकायक बंद होने से कई गांवों के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शिमला डिपू की परिवहन निगम की संचालित इस बस का यह 30 वर्ष पुराना रूट था। जूरीपतन-शिमला बस सेवा का यह सफ रूट था तथा इस बस सेवा के संचालन से अर्की विधानसभा के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ मिलता था। कोहू, जामली, जयनगर, लोहारघाट जैसे अन्य कई गांवों के लोग इस बस सेवा का लाभ उठाते थे। प्रमुख पहलू यह है कि उक्त बस सेवा नए शिमला-बिलासपुर हाईवे से भी पूरे क्षेत्र के लोगों को जोड़ती है।
जूरीपतन बस प्रात: साढ़े सात बजे यहां से चलती थी तथा दिन के करीब दो बजे शिमला पहुंचती थी। इस बस की समयसारिणी ऐसी थी कि विद्यार्थियों को समीप के स्कूलों व महाविद्यालय में पहुंचने के लिए आसानी रहती थी। कोहू ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश शर्मा, नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य नारायाण सिंह, देवराज, जयदेयी तथा नेहा, सुभाष, जयनंद इत्यादि विद्यार्थियों ने कहा कि क्षेत्रवासियों की तरफ से स्थानीय विधायक व निगम के अधिकारियों को इस बाबत बार-बार अवगत करवाया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इस क्षेत्र के लोगों ने सोमवार को भाजपा जिला अध्यक्ष रतन पाल से भी मुलाकात की तथा उन्हें इस समस्या से अवगत करवाया। लोगों का कहना है कि यदि एक सप्ताह में उक्त बस सेवा बहाल नहीं की गई तो पूरे क्षेत्र के लोग आंदोलन करने पर उतारू हो जाएंगे। जिलाध्यक्ष रतन पाल ने कहा कि अर्की क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प पड़े हैं। सडक़ों के बुरे हाल हैं, अस्पतालों में डाक्टर व सुविधाएं नहीं हैं। दाड़लाघाट में भाजपा शासनकाल में खंड विकास कार्यालय खोलने की घोषणा हुई थी किंतु कांग्रेस शासनकाल में उसे भी बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भाजपा की भारी जीत ने सिद्ध कर दिया है कि अर्की में भी कांग्रेस अपना जनाधार खो चुकी है।
काहू क्षेत्र का प्रतिनिधिमंडल बस संचालित की मांग को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष रतन पाल से मिलता हुआ।






