गोयला।
ग्राम पंचायत गोयला में पंचायत प्रतिनिधियों की अध्यक्षता में पशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और

पशुओं में इन दिनों फैल रही विभिन्न बीमारियों, उनके बचाव तथा टीकाकरण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। शिविर में वेटनरी अस्पताल चंडी से पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. अंकित शर्मा ने पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित आहार, साफ-सफाई तथा दुधारू पशुओं की बेहतर देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में पशुओं में गलघोटू, लंगड़ी बुखार, खुरपका-मुंहपका तथा अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण और पशुओं की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है। डॉ. शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने पशुपालकों को विभाग द्वारा संचालित टीकाकरण कार्यक्रमों, कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं, पशु बीमा योजनाओं तथा पशुधन विकास से संबंधित विभिन्न

कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने दुधारू पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए संतुलित पोषण, हरे चारे, खनिज मिश्रण और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। साथ ही पशुओं में किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने की सलाह दी। शिविर के दौरान पशुपालकों ने भी अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं चिकित्सक के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर समाधान किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभदायक बताते हुए पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में पशुपालकों से अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाने तथा विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया।






