अर्की। धारठ गांव में चल रही बंदोबस्त (सेटलमेंट) प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों के संबंध में राजेंद्र वर्मा ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बंदोबस्त के दौरान भूमि की सीमाओं में किए जा रहे बदलाव से ग्रामीणों में असमंजस और रोष की स्थिति पैदा हो रही है।
राजेंद्र वर्मा ने कहा कि धारठ गांव की भूमि सीमाओं का निर्धारण पुरानी स्थिति और साथ लगते राजस्व गांवों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि बंदोबस्त की पैमाइश निष्पक्ष तरीके से करवाई जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों के बीच किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया है। ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए मौके की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए तथा उसके बाद ही आगे की बंदोबस्त प्रक्रिया को पूरा किया जाए।
राजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि यदि सीमाओं का निर्धारण सही तरीके से नहीं किया गया तो इससे भविष्य में भूमि संबंधी विवाद बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण किसी भी विकासात्मक या प्रशासनिक प्रक्रिया के विरोधी नहीं हैं, लेकिन भूमि की सीमाओं का निर्धारण पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों को विश्वास में लेकर बंदोबस्त प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
इस मौके पर नरेश कुमार, राजेन्द्र ठाकुर, रामनाथ शर्मा, शीश राम, नेकराम, हंसराज, मुंशी राम,मनी राम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे






