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मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत, शेष पेंशनरों को भी मिले बकाया राशि—-इंद्रपाल शर्मा

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कुनिहार:-
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को संशोधित वेतनमानों की बकाया राशि का भुगतान अगले माह करने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इसे पेंशनरों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।

शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि वर्ष 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को संशोधित वेतनमानों की बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान जुलाई माह में किया जाएगा। सरकार द्वारा इस दिशा में की गई पहल से प्रदेश के हजारों पेंशनरों को राहत मिलेगी।

उन्होंने सरकार से मांग की कि 58 से 64 वर्ष आयु वर्ग के शेष पेंशनरों को भी उनकी बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाए। इसके अलावा लंबित 15 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का भुगतान भी जल्द जारी किया जाए, ताकि पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सके।

इंद्रपाल शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेट सेक्टर रिटायरीज कोऑर्डिनेशन कमेटी की मांगें भी संयुक्त संघर्ष समिति के मांग पत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर वित्त सचिव स्तर पर वार्ता करवाई जाए, जिससे उनकी लंबित समस्याओं का समाधान हो सके।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 पेंशनर एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति पिछले दो वर्षों से कर्मचारियों और पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। समिति ने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान लंबित देनदारियों की ओर आकर्षित किया। इसी संघर्ष के परिणामस्वरूप सरकार ने 13 मई को संघर्ष समिति को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था।

शर्मा ने कहा कि संघर्ष समिति के निरंतर प्रयासों और दबाव का ही परिणाम है कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित देनदारियों के भुगतान को लेकर सकारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष समिति भविष्य में भी अपना संघर्ष जारी रखेगी।

इस अवसर पर उन्होंने कुछ समानांतर पेंशनर संगठनों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे संगठन केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित रहते हैं, जबकि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की लड़ाई संयुक्त संघर्ष समिति ने मजबूती से लड़ी है।

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