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संवैधानिक और शांतिपूर्ण संघर्ष ही बहुजन समाज के सशक्तिकरण का मार्ग: मायावती

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सोलन पवन सिंघ:-

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री कुमारी मायावती ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दलितों, वंचितों और उपेक्षित वर्गों को संविधान के माध्यम से अनेक अधिकार प्रदान किए हैं। इन अधिकारों का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है जब समाज संगठित होकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा करे।

मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने हमेशा कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करने और न्याय के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखने का संदेश दिया था। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार के उकसावे, हिंसा, सड़क जाम या कानून हाथ में लेने जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को अपने वोट की ताकत को पहचानते हुए राजनीतिक भागीदारी बढ़ानी चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आवाज को मजबूत बनाना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को चुनावों के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है और उन्हें उन तत्वों से सावधान रहना चाहिए जो राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोगों को भड़काने या गुमराह करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम एकजुटता, जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी है।

मायावती ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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