दाड़लाघाट। शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर भराड़ीघाट और नलाग के बीच क्यारड़ क्षेत्र में वीरवार देर रात भारी भूस्खलन होने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया। फोरलेन निर्माण के दौरान संवेदनशील बनी पहाड़ी से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इस दौरान एचआरटीसी बस सहित अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रात के समय मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मचारी ने यातायात को रोक दिया था। वाहनों को समय रहते रोक दिए जाने से बड़ा हादसा टल 
गया। यदि उस समय वाहनों की आवाजाही जारी रहती तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। भूस्खलन के कारण मार्ग पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और रात करीब दो बजे सड़क को बहाल किया जा सका। मार्ग खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। शुक्रवार को भी क्यारड़ क्षेत्र में पहाड़ी से छोटे-छोटे पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। मौके पर पुलिस विभाग की ओर से एक कर्मचारी भी तैनात है, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में फोरलेन निर्माण वाले क्षेत्रों में पहाड़ी दरकने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने, निगरानी बढ़ाने और खतरे की स्थिति में तत्काल यातायात रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी क्यारड़ क्षेत्र में पहाड़ी दरकने की घटना सामने आ चुकी है, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। स्थानीय लोगों ने फोरलेन निर्माण के दौरान पहाड़ी कटिंग वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को समय रहते रोका जा सके।






