कुनिहार
हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति जिला सोलन की महत्वपूर्ण बैठक आज कुनिहार में प्रदेश महामंत्री इंद्रपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति में शामिल सभी प्रमुख 18 संगठनों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का संचालन जिला संयोजक सुरेंद्र ठाकुर ने किया।
बैठक को विभिन्न पेंशनर संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति भारी रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि पेंशनरों की करोड़ों रुपये की लंबित देनदारियों तथा 15 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) की किस्तों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा संयुक्त संघर्ष समिति के साथ किए गए वादों को पूरा न करके पेंशनरों के साथ वादा खिलाफी की जा रही है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 सितंबर को प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन एवं विधानसभा घेराव में जिला सोलन के सभी 18 संगठनों से लगभग 300 पेंशनर भाग लेंगे। वक्ताओं ने कहा कि पेंशनरों की जायज मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को और मजबूत किया जा सके।
बैठक में हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति जिला सोलन की नई कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें
अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर,महासचिव विद्यासागर शर्मा,कोषाध्यक्ष अशोक चंदन को चुना गया। इसके अतिरिक्त जिला सोलन के सभी 18 पेंशनर संगठनों के जिला स्तरीय अध्यक्ष एवं महासचिव समिति के सदस्य होंगे।
बैठक में लगभग 60 पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया।
प्रदेश महामंत्री इंद्रपाल शर्मा ने प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आह्वान किया कि प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का पूरी एकजुटता के साथ पालन करें तथा पेंशनरों की एकता का परिचय देते हुए 1 सितंबर को शिमला में होने वाले धरना-प्रदर्शन एवं विधानसभा घेराव में बढ़-चढ़कर भाग लें।
बैठक में भारतीय राज्य पेंशन महासंघ, हिमाचल पेंशनर्स फेडरेशन, विद्युत परिषद पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, पुलिस एसोसिएशन, निगम कल्याण संगठन, कोऑपरेटिव सेक्टर, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, प्रदेश सचिवालय संघ तथा हिमाचल प्रदेश वेलफेयर एसोसिएशन सहित प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े सभी प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पेंशनरों की लंबित देनदारियों, महंगाई राहत तथा अन्य जायज मांगों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।






