अर्की शहनाज़ भाटिया
जनसेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद की भावना के साथ हेमन्त तनवर 14 अक्तूबर 2026 की देर शाम जयनगर और मलोन क्षेत्र के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों की मदद कर सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश की।
दौरे के दौरान ढाक क्षेत्र के एक गांव में सीताराम के परिवार से मिलकर उन्होंने संवेदना व्यक्त की। सीताराम की पत्नी का निधन
हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हेमन्त तनवर ने अंतिम संस्कार संबंधी क्रियाकर्म के लिए मौके पर ही 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान उन्होंने समाज में प्रचलित मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा पर भी कड़ी नाराजगी जताई और ऐसी परंपराओं से बचने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके बाद वह जयनगर क्षेत्र के गांव सेहल पहुंचे, जहां उन्होंने बलवंत के आकस्मिक निधन पर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवार के तीन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उन्होंने प्रत्येक बच्चे को एक वर्ष तक हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की पहल शुरू की। इस तरह तीनों बच्चों को मिलाकर कुल 36 हजार रुपये की सहायता एक वर्ष में दी जाएगी।
हेमन्त तनवर की इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल मिलने के साथ बच्चों की शिक्षा जारी रखने में भी मदद मिलेगी। उनके इन प्रयासों को जनसेवा, मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।






