कुनिहार (सोलन) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाडली में कृषि संकाय के विद्यार्थियों के लिए प्राकृतिक खेती, पुष्प उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीकों और पर्यावरण संरक्षण विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस दौरान कृषि क्षेत्र के मास्टर ट्रेनर संजीव ठाकुर ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती के महत्व और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
व्याख्यान में विद्यार्थियों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, जैविक संसाधनों का उपयोग करने तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही पुष्प उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, पौधों के प्रवर्धन और कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
संजीव ठाकुर ने कहा कि आधुनिक कृषि केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है। बागवानी, पुष्प उत्पादन, पौधशाला प्रबंधन और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन जैसे क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। युवा इन गतिविधियों को अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि को केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन न मानकर स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र के रूप में भी देखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाना समय की आवश्यकता है। जहरमुक्त खेती से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
विद्यालय की उपप्रधानाचार्या एवं इतिहास प्रवक्ता गीता देवी, राजनीति विज्ञान प्रवक्ता मीनाक्षी शर्मा, व्यावसायिक प्रशिक्षक अनामिका शर्मा और विद्यालय समन्वयक रविंदर कुमार ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा विद्यार्थियों को कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक जानकारी भी मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कृषि से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित करवाना रहा।






