शिमला। कांगड़ा, हमीरपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मंडी और सोलन में सफल आयोजन के बाद विद्यापीठ द्वारा आयोजित ‘कलाम ऑफ हिमाचल’ स्कॉलरशिप टेस्ट का अंतिम चरण 18 अक्तूबर, रविवार को शिमला स्थित विद्यापीठ इंस्टीट्यूट में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा केंद्र शिमला के पुराने बस अड्डे के सामने स्थित विद्यापीठ इंस्टीट्यूट में बनाया गया है। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह स्कॉलरशिप टेस्ट सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को सुबह 10:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों को रोल नंबर वितरित कर दिए गए हैं। जिन विद्यार्थियों को किसी कारणवश रोल नंबर नहीं मिल पाया है, वे परीक्षा के दिन केंद्र पर पहुंचकर अपना रोल नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जो विद्यार्थी अब तक पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं, उनके लिए भी परीक्षा के दिन मौके पर ही पंजीकरण करवाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
50 लाख तक की छात्रवृत्ति, 20 लाख तक के नकद पुरस्कार
‘कलाम ऑफ हिमाचल’ स्कॉलरशिप टेस्ट कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति और आकर्षक पुरस्कार जीतने का अवसर मिलेगा। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों के लिए 50 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति तथा 20 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।
‘कलाम ऑफ हिमाचल’ के विजेता को ढाई लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रदेश स्तर पर प्रत्येक कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 11,000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 5,100 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 3,100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही विजेता विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और अन्य आकर्षक उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।
वर्ष 2022 में हुई थी परीक्षा की शुरुआत
विद्यापीठ ने इस स्कॉलरशिप टेस्ट की शुरुआत वर्ष 2022 में की थी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाना, उनकी शैक्षणिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को निर्धारित समय में प्रश्न हल करने, प्रश्नपत्र को समझने तथा परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है।
विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना उद्देश्य
विद्यापीठ के निदेशक इंजीनियर रविंदर अवस्थी और डॉ. रमेश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी विद्यार्थियों में ‘कलाम ऑफ हिमाचल’ स्कॉलरशिप टेस्ट को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं का व्यावहारिक अनुभव भी मिले, जिससे वे भविष्य में विभिन्न प्रवेश एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस तरह की परीक्षाएं विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं। छात्रवृत्ति एवं पुरस्कारों के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
दोनों निदेशकों ने सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक संख्या में इसमें भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होना चाहिए।






