अर्की
राजकीय महाविद्यालय अर्की में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राजन तनवर के काव्य संग्रह “कोई बांध लो मुझे” का मलयाली अनुवादक डॉक्टर मोहनन वीटीवी तथा डॉक्टर इंदु केवी द्वारा मलयालम में संयुक्त रूप से अनुवाद किया गया । यह लोकार्पण कार्यक्रम हिमालयन साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच के बैनर तले किया गया। जिसके अध्यक्ष महान कथाकार एस आर हरनोट हैं । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हेमंत शर्मा मुख्य संपादक हिमाचल दस्तक, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर (डॉक्टर) श्रीलता के विष्णु, डॉक्टर मोहनन वीटीवी तथा डॉक्टर इंदु केवी रहे। यह कार्यक्रम प्रोफेसर मीनाक्षी एफ पाल की अध्यक्षता तथा वरिष्ठ आलोचक एवं समीक्षक डॉक्टर हेमराज कौशिक के सानिध्य में पूर्ण हुआ। इस कार्यक्रम में चार पुस्तकें लोकार्पित की गई जिनमें से एस आर हरनोट की नदी रंग जैसी लड़की, हिडिंब उपन्यास, तथा भागा देवी का चायघर कहानी संग्रह तथा डॉक्टर राजन तनवर का काव्य संग्रह ” कोई बांध लो मुझे” सम्मिलित था। “कोई बांध लो मुझे” हिंदी काव्य संग्रह के मलयालम में लोकार्पित होने पर अर्की महाविद्यालय सहित समस्त क्षेत्र एवं प्रदेश के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश के महाविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर की रचनाओं का केरल राज्य के मलयालम पढ़ने वाले पाठक भी रसास्वादन करेंगे।
डॉ राजन तनवर गद्य – पद्य, शोध एवं समीक्षात्मक साहित्य में भी समान रूप से सृजन रत रहते हैं। इससे पूर्व इनकी संस्कार लोकगीतों में लोक संस्कृति ( जिसमें विशेष रूप से बाघल क्षेत्र के संस्कार गीतों का वर्णित किया गया है) , “प्रयोगवादी काव्य चिंतन: अज्ञेय की साहित्यिक मान्यताएं”, “कोई बांध लो मुझे” काव्य संग्रह , डॉ अमित धर्म सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “हमारे गांव में हमारा क्या है? ” का संपादन तथा देश भर में चर्चित “विमर्शों के आईने में समकालीन साहित्य” पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। ये भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला के सह अध्ययता (एसोसिएट) भी हैं। डॉ राजन तनवर मूल रूप से जिला सोलन के कंडाघाट ब्लॉक की हाल ही में नवगठित ग्राम पंचायत घाटकुम्हाला से संबंध रखते हैं।






