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हनुमान बड़ोग की अच्छू डाबर कुंड में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां मिलने से क्षेत्र में हड़कंप

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दाड़लाघाट:- दाड़लाघाट क्षेत्र के हनुमान बड़ोग स्थित अच्छू डाबर कुंड में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, पशुपालन विभाग और संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची तथा जांच प्रक्रिया शुरू की गई। धुन्दन से पहुंचे पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने मृत मछलियों और पानी के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं। वहीं दाड़लाघाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए। जानकारी के अनुसार पंकज शर्मा, जगदीप शर्मा और सुनील दत्त सहित अन्य लोगों के बयान लिए गए हैं। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुंड में लोगों के प्रवेश और पानी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी व्यक्ति कुंड के पानी का प्रयोग न करे। घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और पशुपालन विभाग ने एहतियातन करीब एक महीने तक प्रतिबंध लगाने की बात कही है।
एसएचओ दाड़लाघाट पंकज शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और वहां से पानी सहित अन्य जरूरी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर किसी जहरीले पदार्थ की आशंका सामने नहीं आई है। मौके पर मौजूद डॉक्टरों के अनुसार मछलियां किसी प्रकार की स्किन डिजीज या बैक्टीरियल इंफेक्शन से प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की घटना सामने आई थी। पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं तथा रिपोर्ट आने के बाद ही मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उधर, डॉक्टर वरुण ने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से मौके का निरीक्षण कर सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर मामला किसी संक्रमण से जुड़ा प्रतीत हो रहा है तथा पॉयजनिंग जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिशरीज विभाग अब अलग विभाग के अंतर्गत कार्य करता है और मछलियों से संबंधित आगे की तकनीकी जांच एवं कार्रवाई उसी विभाग द्वारा की जाएगी। डॉक्टर वरुण ने कहा कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी के तहत मौके का निरीक्षण किया और सैंपल एकत्र किए हैं। अंतिम स्थिति रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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