शहनाज़ अर्की:-
विकास के दावों के बीच ग्राम पंचायत घनागुघाट के कई गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। बगैण, काऊग, वैहली, छिब्बर,ताल, बपडोन, मांडी और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण पिछले कई दिनों से पानी की गंभीर समस्या झेलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 15 दिनों से नियमित पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, जिससे उनका दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
गर्मी के इस मौसम में हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को पानी की व्यवस्था करने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब घरों के नलों में पानी नहीं आता, तो सरकार और विभागों के बड़े-बड़े दावे खोखले नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे घरों में पशुधन भी है जो बिना पानी से इनको पालना भी मुश्किल हो रहा है। क्योंकि ग्राम में जो प्राकृतिक स्रोत है वह भी पूरी तरह से सूख गए है। वहीं महिलाओं का कहना है कि पानी की समस्या इतनी विकट हो गई है कि उन्हें निजी कार्य जैसे शौच के लिये शौचालय में न जाकर खुले में जाना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों की लगातार शिकायतों के बाद हिमाचल आज तक ने इस गंभीर जनसमस्या को प्रमुखता से उठाया और संबंधित विभागों से जवाब मांगा।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता ई. विवेक कटोच ने बताया कि विभाग के पास पानी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान से पानी को लिफ्ट किया जाता है, वहां विद्युत विभाग का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पेयजल योजना प्रभावित हुई है। विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही बिजली व्यवस्था बहाल होगी, पानी की आपूर्ति भी सामान्य कर दी जाएगी।
वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप शर्मा का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर को ठीक करने का कार्य जारी है और विभाग जल्द समस्या का समाधान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या लगभग एक सप्ताह पुरानी है, जबकि ग्रामीण इसे 15 दिनों से चली आ रही परेशानी बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या चाहे बिजली विभाग की हो या जल शक्ति विभाग की, लेकिन सबसे अधिक परेशानी आम लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों का सवाल है कि जब दोनों विभागों को समस्या की जानकारी है तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया?
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनकर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल की जाएगी, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।






