दाड़लाघाट:- प्रदेश सरकार द्वारा वाहन हिमाचल परमिट शुल्क में बढ़ोतरी तथा भविष्य में हर दो वर्ष बाद 10 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के प्रावधान को लेकर अदाणी समूह की अंबुजा सीमेंट उद्योग में परिवहन सभाओं की विभिन्न यूनियनों में कार्यरत दाड़लाघाट के ट्रक ऑपरेटरों ने कड़ा विरोध जताया है। ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि सरकार के इस फैसले का सीधा प्रभाव परिवहन व्यवसाय और इससे जुड़े हजारों परिवारों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि पहले से ही बढ़ती परिचालन लागत, डीजल की कीमतों, वाहन रखरखाव एवं अन्य खर्चों के बीच परमिट शुल्क में वृद्धि अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। ट्रक ऑपरेटर जयदेव कौंडल, राम कृष्ण बंसल, नरेश गुप्ता, वेद प्रकाश शुक्ला, जगदीश ठाकुर, ऋषि गांधी, तिलक राज, रतन भट्टी एवं सुशील सोनी व समस्त ट्रक ऑपरेटरों ने संयुक्त रूप से एतराज जताते हुए कहा कि वर्ष 1995 के बाद शुल्क संशोधन किया गया है, लेकिन हर दो वर्ष बाद स्वतः 10 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने का प्रावधान ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवसाय पहले से ही विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे में यह निर्णय अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ाएगा। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ चर्चा कर उचित समाधान निकालने की मांग की। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि किसी भी नीति या शुल्क वृद्धि से पहले संबंधित हितधारकों से संवाद होना आवश्यक है। ताकि सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर उचित विचार नहीं किया गया तो आगे की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।






