बुघार कनैता, पवन सिंघ:-
ग्राम पंचायत बुघार कनैता में इन दिनों तेंदुए (बाघनी) की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। पंचायत के गांव सेरी में बाघनी ने स्थानीय निवासी पवन कुमार के दो बकरों पर हमला कर उन्हें शिकार बनाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की सतर्कता से एक बकरे को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर बकरों की तलाश में भी सहयोग किया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में एक बाघनी अपने तीन शावकों के साथ लगातार देखी जा रही है। करीब 10 से 12 दिन पहले भी बाघनी ने कई बकरों को अपना शिकार बनाया था, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। लगातार बढ़ रही घटनाओं के कारण लोग दहशत में हैं। शाम होते ही ग्रामीण घरों में रहने को मजबूर हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए तथा बाघनी और उसके शावकों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल के उपयुक्त क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि लोगों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस संबंध में जब हिमाचल आज तक के पत्रकार पवन सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बाघनी और उसके शावकों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। साथ ही जिन ग्रामीणों के पशु शिकार बने हैं, उन्हें विभागीय नियमों के अनुसार उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण अब वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग कर रहे हैं।






