अर्की:-
अर्की नगर पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में रोमांचक मुकाबले के बाद कांग्रेस समर्थित सीमा शर्मा अध्यक्ष निर्वाचित हुईं, जबकि भाजपा समर्थित वीना ठाकुर उपाध्यक्ष चुनी गईं। खास बात यह रही कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों का फैसला पर्ची (ड्रा ऑफ लॉट्स) के माध्यम से हुआ। सोमवार को प्रस्तावित चुनाव भाजपा समर्थित कुछ पार्षदों के अनुपस्थित रहने के कारण नहीं हो पाया था, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को दोबारा आयोजित चुनाव में सभी पक्षों की मौजूदगी में मतदान संपन्न हुआ। नगर पंचायत में भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद चुनाव के दौरान समीकरण बदल गए। विधायक के मत शामिल होने के बाद अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित सीमा शर्मा और भाजपा समर्थित रंजना कालिया के बीच मुकाबला 4-4 मतों की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद नियमानुसार पर्ची के माध्यम से फैसला किया गया, जिसमें किस्मत ने एक बार फिर सीमा शर्मा का साथ दिया और वह अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित हुईं।
दिलचस्प बात यह है कि सीमा शर्मा इससे पहले पार्षद चुनाव में भी पर्ची के जरिए विजयी रही थीं और अब अध्यक्ष पद का ताज भी उन्हें पर्ची के माध्यम से ही मिला है। लगातार दूसरी बार किस्मत का साथ मिलने से यह जीत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित वीना ठाकुर और कांग्रेस समर्थित प्रदीप के बीच मुकाबला हुआ। यहां भी दोनों पक्षों के मत बराबर रहने के बाद फैसला पर्ची से किया गया, जिसमें वीना ठाकुर विजेता रहीं और उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित की गईं। सीमा शर्मा के लिए यह जीत इसलिए भी बेहद खास रही क्योंकि मंगलवार को उनका जन्मदिन भी है । जन्मदिन के अवसर पर अध्यक्ष पद की जीत उनके लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं रही। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और बधाइयों का दौर शुरू हो गया। अर्की नगर पंचायत के इतिहास में यह चुनाव कई मायनों में यादगार बन गया है। पहले चुनाव का स्थगित होना, फिर वोटों का बराबरी पर पहुंचना और अंत में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष दोनों पदों का फैसला पर्ची से होना पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष सीमा शर्मा ने अपनी जीत पर नगर पंचायत क्षेत्र की जनता, पार्षदों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी को साथ लेकर नगर पंचायत के विकास, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगी






