कुनिहार
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार पर पेंशनरों से किए गए वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए आगामी आंदोलन की चेतावनी दी है। कुनिहार में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के प्रदेश महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने कहा कि 13 मई 2026 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में यह सहमति बनी थी,कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की संशोधित पेंशन एवं वेतनमान से संबंधित बकाया देनदारी का 40 प्रतिशत भुगतान 31 जुलाई 2026 तक कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उस समय सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए संयुक्त संघर्ष समिति से दो माह का समय मांगा था। समिति ने पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार के आग्रह को स्वीकार किया और 40 प्रतिशत राशि के भुगतान पर सहमति जताई थी। लेकिन अत्यंत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया और लगभग दो लाख पेंशनरों के साथ एक बार फिर विश्वासघात किया है। इससे पूरे प्रदेश के पेंशनरों में भारी रोष व्याप्त है।
इंद्रपाल शर्मा ने कहा कि सरकार की बार-बार की
वादाखिलाफी और पेंशनरों के साथ किए जा रहे विश्वासघात को अब और सहन नहीं किया जाएगा। संयुक्त संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि अब सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समिति की मांग केवल 40 प्रतिशत नहीं, बल्कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त सभी पेंशनरों की बकाया राशि का 100 प्रतिशत भुगतान करने की होगी। इसके साथ ही 15 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) की लंबित किस्तों का भुगतान उनकी देय तिथि से किए जाने से कम कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े 18 राज्य स्तरीय पेंशन संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक 8 अगस्त 2026 को जिला कांगड़ा के शाहपुर में समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। बैठक में सरकार के विरुद्ध आगामी संघर्ष की रणनीति एवं आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक पेंशनरों की सभी लंबित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान ओम प्रकाश गर्ग, सुशील शर्मा, जगदीश चंदेल, शिव रामपाल तथा राकेश शर्मा भी उपस्थित रहे।






