अर्की शहनाज़:-
बरसात के मौसम में प्रशासन जहां सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दे रहा है, वहीं लोक निर्माण विभाग के कुनिहार उपमंडल के अंतर्गत आने वाली कुनिहार-कुन्नी पुल सड़क पर दो खतरनाक स्थान लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क किनारे डंगा निर्माण के लिए बनाए गए रास्ते को कार्य पूरा होने के बाद भी नहीं भरा गया और न ही वहां किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इसके अलावा एक अन्य स्थान पर सड़क अंदर से खोखली हो चुकी है, जिससे वहां वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बन गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों स्थानों पर जरा सी चूक किसी भी वाहन को 250 से 300 मीटर गहरी खाई में पहुंचा सकती है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन खतरनाक स्थानों से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, कर्मचारी और स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
लोगों ने सवाल उठाया है कि धर्मपुर, सोलन और अन्य क्षेत्रों से आने वाले जनप्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन आज तक इन खतरनाक स्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार पूर्व में भी इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है, फिर भी विभाग ने सुरक्षा दीवार, डंगा, क्रैश बैरियर या चेतावनी संकेतक लगाने की जहमत नहीं उठाई।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए तो बरसात के दौरान सड़क धंसने या वाहन खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से मांग की है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई कर इन खतरनाक स्थलों को सुरक्षित बनाया जाए।
लोगों का सवाल
“अगर यहां कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—विभाग की या सरकार की?”
इस बारे अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अर्की ई. कृष्ण कांत चौहान से बात करने पर उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में ये मामला नही था परंतु शीघ्र ही इसे दरुस्त करवा दिया जाएगा






