Home » Uncategorized » पेंशनरों की देनदारियों को लेकर आधी-अधूरी घोषणाओं पर संयुक्त संघर्ष समिति ने जताया रोष। अक्टूबर माह से आर पार की लड़ाई लड़ेगी सयुंक्त संघर्ष समिति -इन्द्र पाल शर्मा

पेंशनरों की देनदारियों को लेकर आधी-अधूरी घोषणाओं पर संयुक्त संघर्ष समिति ने जताया रोष। अक्टूबर माह से आर पार की लड़ाई लड़ेगी सयुंक्त संघर्ष समिति -इन्द्र पाल शर्मा

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कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त को पेंशनरों की देनदारियों को लेकर की गई आधी-अधूरी घोषणाओं की कड़े शब्दों में निंदा की है। समिति का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने 13 मई को संघर्ष समिति के साथ हुई बैठक में किए गए वादों को पूरा नहीं किया, जिससे प्रदेश के लाखों पेंशनरों में भारी रोष है।
कुनिहार में आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने कहा कि 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में प्रदेश के उन पेंशनरों, जो वर्ष 2016 से दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं, को उनकी कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान करने तथा महंगाई राहत की दो किस्तें जारी करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन 15 अगस्त को इन वादों के अनुरूप घोषणा न किए जाने से पेंशनरों के साथ विश्वासघात हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब दो लाख पेंशनरों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी लंबित बकाया राशि के साथ पिछले तीन वर्षों से लंबित 15 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) की किस्तों को जारी करने की घोषणा करेगी। लेकिन ऐसा न होने से पेंशनरों में निराशा और आक्रोश है।
शर्मा ने कहा कि एक ओर प्रदेश का पेंशनर वर्ग महंगाई के इस दौर में आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है, वहीं सरकार अपने हितों और अपने चहेतों के लिए आए दिन नए-नए वित्तीय लाभ और भत्तों में बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति की 8 अगस्त को कांगड़ा के शाहपुर में आयोजित विशाल बैठक में पहले ही निर्णय लिया जा चुका था कि यदि सरकार 15 अगस्त तक पेंशनरों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो भविष्य में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इंद्रपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के पेंशनरों का वर्तमान सरकार से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है। अब पेंशनरों ने तय कर लिया है कि जब तक सरकार उनकी सभी लंबित देनदारियों तथा 15 प्रतिशत महंगाई राहत की किस्तों का पूरा भुगतान नहीं करती, तब तक प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने घोषणा की कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से पूरे प्रदेश में जन-जागरण अभियान और आंदोलन शुरू किया जाएगा तथा सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
शर्मा ने कहा कि संघर्ष समिति जल्द ही राज्यपाल से मिलकर एक ज्ञापन सौंपेगी तथा उसकी प्रतिलिपि राष्ट्रपति को भी भेजी जाएगी। ज्ञापन में प्रदेश की गंभीर वित्तीय स्थिति का उल्लेख करते हुए केंद्र से हस्तक्षेप का आग्रह किया जाएगा। समिति का कहना है कि प्रदेश पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और सरकार की वित्तीय स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति प्रदेश के वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं प्रशासनिक कदम उठाने की मांग करेगी।
प्रेस वार्ता में ओमप्रकाश गर्ग, भगवान सिंह, शिव रामपाल, आर.पी. जोशी, जगदीश चंदेल, गोपाल कृष्ण, एस.पी. शर्मा और सोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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