कुनिहार
प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर हाटकोट कुनिहार में श्रीरामलीला जनकल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन कथा व्यास अरुणानंद आनंद ने भागवत महापुराण के श्रवण महात्म्य के साथ भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा देने वाला ज्ञान का भंडार
है। श्रद्धा और विश्वास के साथ भागवत कथा का श्रवण करने से मन में सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं। भगवान का स्मरण मन को शांति प्रदान करता है और व्यक्ति को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।अंतिम दिन अक्रूर जी के वृंदावन आगमन और श्रीकृष्ण-बलराम के मथुरा प्रस्थान का प्रसंग सुनाया गया। श्रीकृष्ण के मथुरा जाने के समय गोपियों और ब्रजवासियों के विरह का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।
कथा के समापन के बाद बारिश के बीच भगवान श्रीकृष्ण की पालकी व आकर्षक झांकी के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ने पूरे कुनिहार शहर की परिक्रमा की। इसमें बच्चों की विभिन्न झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भजन कीर्तन और श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा कुनिहार कृष्णमय हो गया। जगह जगह श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पालकी का स्वागत किया और झांकी के दर्शन किए।
कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित रात्रि कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी करवाई गई। श्रीरामलीला जनकल्याण समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिता में भाग लेते हुए मटकी फोड़ी। विजेता टीम को आयोजन समिति की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
रात्रि 12 बजे तक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर झूमते नजर आए। भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
आयोजन समिति ने श्रीमद्भागवत कथा शोभायात्रा और जन्माष्टमी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं स्थानीय लोगों अतिथियों और सहयोगियों का आभार जताया।






