अर्की लुटरू महादेव में एक विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति और पूज्य गुरुदेव निरंजनी अखाड़ा श्री महंत चंद्रभारती जी के दिशा-निर्देशानुसार आश्रम का नया कार्यभार सौंपा गया। समारोह के दौरान परंपरागत रस्मों के साथ अग्रज श्री विजय भारती जी ने अपने अनुज श्री हरिओम भारती जी को चादर उड़ाकर आश्रम की बागडोर एवं समस्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इस पावन अवसर पर आश्रम के वरिष्ठ संतों, सेवादारों और गुरु-भक्तों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना एवं मंत्रोच्चार किया गया। गद्दी चादर की रस्म निभाते हुए वरिष्ठ गुरु भाइयों ने हरिओम भारती जी को तिलक लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर अपना पूर्ण आशीर्वाद एवं समर्थन दिया।
कार्यभार संभालते हुए हरिओम भारती जी ने भावुक होकर कहा पूज्य गुरुदेव के दिखाए मार्ग पर चलना और आश्रम की परंपराओं, धर्म, सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य रहेगा। मैं सभी गुरु भाइयों और साधक-भक्तों के सहयोग से इस पावन जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगा।






