हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल अध्यापक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त उपनिदेशक जीवन शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साहसिक निर्णय जिसके अनुसार शिमला शहर में भीड़ भार व जाम की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ कार्यालयों को शिमला से बाहर धर्मशाला, हमीरपुर व बिलासपुर में स्थानांतरित किया गया तथा दूसरा प्रदेश के कुछ स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू करना और क्लस्टर सिस्टम लागू करना भी ऐतिहासिक निर्णय है। इससे सरकारी स्कूलों में
बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होगी तथा योग्य व गरीब बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तरह अच्छी सुविधाएं मिलेंगी तथा प्रदेश के स्कूलों में क्लस्टर सिस्टम लागू करने से अध्यापकों के रिक्त पदों की समस्या से भी निजात मिलेगी तथा केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और प्राइवेट स्कूलों की तरह प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल नर्सरी से लेकर प्लस टू कक्षा तक एक इकाई के रूप में कार्य करेंगी। कम संख्या वाले स्कूलों को भी निकटतम स्कूलों में मर्जर करने का निर्णय भी सुखू सरकार का स्वागत योग्य है क्योंकि अधिक बच्चे कक्षा में होने पर उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है तथा संसाधनों का भी उचित प्रयोग होता है।






