अर्की
भूमती पंचायत में बुधवार को डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन, हिमाचल प्रदेश के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आर.के.वी.वाई. (RKVY) परियोजना के अंतर्गत मिलेट्स प्रसंस्करण एवं उद्यमिता (Millets Processing and Entrepreneurship) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को मिलेट्स (श्री अन्न/मोटे अनाज) के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा उनसे संबंधित स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. मनीषा कौशल एवं डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने प्रतिभागियों को मिलेट्स के पोषण संबंधी महत्व, प्रसंस्करण तकनीकों, मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण तथा खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान मिलेट्स के मूल्य संवर्धन पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को मिलेट्स से मफिन एवं फलों के जैम (Fruit Jam) जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त, खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक एफ.एस.एस.ए.आई. (FSSAI) पंजीकरण एवं लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि प्रतिभागी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपने उत्पादों का व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन एवं विपणन कर सकें।
इस अवसर पर भूमती पंचायत की प्रधान श्रीमती शकुंतला, उपप्रधान श्री विनय शर्मा, पंचायत सचिव श्रीमती विजय लक्ष्मी तथा पंचायत के वार्ड सदस्य उपस्थित रहे।






