कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से आयोजित रामलीला के आठवें दिन का शुभारंभ शनि देव की आकर्षक झांकी के साथ हुआ। इस दौरान हाटकोट महिला मंडल की महिलाओं ने आरती में भाग लेकर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लिया। समिति की ओर से मुख्य अतिथि को पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल ने रामलीला आयोजन के लिए समिति को 7100 रुपये की राशि दान स्वरूप भेंट की। समिति ने महिला मंडल का आभार व्यक्त किया।

रामलीला के आठवें दिन राधा रमन शर्मा के निर्देशन में बाली वध और लंका दहन के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
रामलीला का मंचन सुग्रीव और बाली के युद्ध से शुरू हुआ। इस दौरान प्रभु श्रीराम के हाथों बाली वध के दृश्य को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद हनुमान, अंगद, जामवंत, नल और नील सहित वानर सेना माता सीता की खोज में समुद्र तट पर पहुंचती है। विशाल समुद्र को पार करने की चिंता के बीच जामवंत हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण करवाते हैं। इसके बाद हनुमान समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं।
लंका में प्रवेश के दौरान हनुमान का लंकनी से सामना होता है। इसके पश्चात वे अशोक वाटिका पहुंचकर माता सीता की खोज करते हैं। अशोक वाटिका उजाड़ने के बाद मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाता है। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई जाती है, जिसके बाद हनुमान पूरी लंका में आग लगाकर लंका दहन करते हैं। इन सभी प्रसंगों का मंचन आकर्षक तरीके से किया गया।
अभिनय के साथ मंच सज्जा की भी सराहना
रामलीला में कलाकारों के अभिनय के साथ-साथ उनके मेकअप और साज-सज्जा को भी दर्शकों की खूब सराहना मिल रही है। प्रत्येक दृश्य को प्रभावशाली बनाने में संगीत के बेहतरीन प्रभावों के लिए जय शर्मा का योगदान सराहनीय रहा। वहीं मंच की साज-सज्जा में गौतम, प्रथम, गोलू और अन्नू ने अहम भूमिका निभाई। मंच की लाइट और साउंड व्यवस्था में दयाल टेंट हाउस कुनिहार की टीम ने मेहनत की।
इस दौरान समिति के देवेंद्र शर्मा और अक्षरेश शर्मा, प्रधान रितेश जोशी, आशीष द्विवेदी, अरविंद जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, मुकेश शर्मा, प्रदीप पुरी, अमन अत्री, गौतम, सूर्यांश, गौरव शर्मा, प्रिंस खुराना,गोलू सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी सदस्य रामलीला के सफल आयोजन और मंचन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।






