बी.एल. स्कूल कुनिहार में ईको क्राफ्टिंग प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, टॉप-10 प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
कुनिहार
पर्यावरण संरक्षण का संदेश जब बच्चों की रचनात्मकता से जुड़ता है, तो बेकार समझी जाने वाली वस्तुएँ भी खूबसूरत कलाकृतियों का रूप ले लेती हैं। कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा बी.एल. सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार में देखने को मिला, जहाँ इंटीग्रेटेड मिशन लाइफ प्रोजेक्ट के अंतर्गत पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय ईको क्राफ्टिंग प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, कला-कौशल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का शानदार परिचय देते हुए प्राकृतिक संसाधनों तथा अनुपयोगी एवं अपशिष्ट सामग्री से एक से बढ़कर एक आकर्षक और उपयोगी वस्तुएँ तैयार कर प्रदर्शित कीं। कार्यशाला के दौरान सीखे गए हुनर को बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के रंगों से सजाकर जीवंत कर दिया। प्रदर्शनी में सजी विभिन्न कलाकृतियाँ हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इस अवसर पर लायन इको क्लब प्रभारी दिनाक्षी ठाकुर ने बताया कि ईको क्राफ्टिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाने तथा Reduce, Reuse और Recycle अर्थात कम उपयोग, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की अवधारणा को व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि क्लब द्वारा रैली, पोस्टर एवं अन्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से भी आमजन को पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग तथा स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न ईको क्राफ्टिंग कलाकृतियों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों की मेहनत, कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को उपयोगी रूप देना न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, बल्कि प्रकृति और संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-10 विद्यार्थियों को विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा द्वारा पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लायन इको क्लब की ओर से विद्यालय अध्यक्ष को इको क्लब कैप पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों एवं अध्यापक वर्ग ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों के प्रयासों की सराहना की। सभी ने इस प्रकार की गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
प्रदर्शनी ने दिया प्रेरक संदेश— “कचरा नहीं, संसाधन समझें; प्रकृति बचाएँ, भविष्य सँवारें।” बी.एल. स्कूल कुनिहार की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे अपनी छोटी-छोटी रचनात्मक पहल से पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं।






