कुनिहार:-
हिमाचल दिवस के अवसर पर मुख्य मंत्री के द्वारा पेंशनरों की देनदारियों को लेकर कोई भी नई घोषणा न किए जाने मुख्य मंत्री ने एक बार फिर से प्रदेश के 2लाख पेंशनरों के साथ धोखा और विश्वास घात किया है।
गत 30मार्च के राज्य स्तरीय विशाल धरना प्रदर्शन के बाद मुख्य मंत्री ने संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता में सचिवों की उपस्थिति में वर्ष 2016से वर्ष जनवरी 2022के बीच सेवानिवृत हुए पेंशनरों की कुल बकाया राशि का 40प्रतिशत इसी वित्तीय वर्ष 2026-27के बीच करने ,सभी के करोड़ों रुपयों के चिकित्सा भत्तों का भुगतान तुरंत करने और समिति के साथ 10दिनों में वार्ता किया जाने की बात कही थी।पेंशनरों को पूरी उम्मीद थी कि मुख्य मंत्री इसकी घोषणा करेंगे।लिकिन मुख्य मंत्री ने एक बार फिर से जो झूठ धर्मशाला धरना प्रदर्शन के समय बोला था वहीं झूठ इस बार बोला है। यहां प्रेस वार्ता में प्रदेश संघर्ष समिति के महा सचिव इंदर पाल शर्मा ने कहा कि मुख्य मंत्री के द्वारा मीडिया में दिया गया बयान कि मेरी सरकार के समय की पेंशनरों की कोई भी देनदारियां नहीं है बहुत की दुर्भाग्य पूर्ण है। जब की इनकी सरकार 2022 में सता में आई थी।
वर्ष 2023,2024,वर्ष 2025की 6किसते इनके समय की ही है कुल मिलकर 13प्रतिशत किस्तों का भुगतान किया जाना है। शर्मा ने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की राज्य स्तरीय आपात बैठक बुलाकर आगामी संघर्ष की घोषणा की जाएगी ।समिति सयुक्त रूप से प्रदेश उच्च न्यायालय में अपील करने और मई में प्रदेश में होने वाले पंचायती राज चुनाव नगरनिगम ,नगर परिषद,जिला व पंचायत समिति के चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारो के खिलाफ अपने सयुक्त प्रत्याशी चुनाव में उतारने का विकल्प हमारे पास है।अगले वर्ष होनेवाले विधान सभा चुनाव में भी समिति सयुक्त रूप से 68विधान सभा में अपने प्रत्याशियों को चुनाव में उतारने का निर्णय ले सकती है। इस अवसर पर ओम प्रकाश गर्ग,सुशील शर्मा,जगदीश चंदेल, कृष्ण चन्द वर्मा,गोपाल कृष्ण शर्मा उपस्थित रहे।






