गोयला पवन सिंघ:-
दून क्षेत्र की गोयला पंचायत में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गोयला इन दिनों सरकार के “शिक्षा मॉडल” पर गंभीर सवालिया निशान लगा रही है। विद्यालय को अपग्रेड तो कर दिया गया, लेकिन सितंबर 2023 से इतिहास, राजनीति विज्ञान और केमिस्ट्री जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं, वहीं कॉमर्स और गणित के पद भी लंबे समय से खाली हैं। हद तो तब हो गई जब 9वीं-10वीं को गणित पढ़ा रहे एकमात्र फिजिक्स प्रवक्ता को भी 50 दिनों के लिए चुनाव ड्यूटी पर भेज दिया गया, जिससे पूरी शिक्षण व्यवस्था ठप होने की कगार पर है। समाजसेवी राजू ( आपकी आवाज पट्टा महलोग) और स्थानीय ग्रामीणों ने इसे ग्रामीण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है। बिना गुरु के चल रहे इस स्कूल में केवल खाली कमरों और अपग्रेडेशन के बोर्ड से शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अब असंभव नजर आ रहा है।






