पवन सिंघ
दून विधानसभा के पहाड़ी क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां खुद शिक्षा खंड कार्यालय बच्चों की पढ़ाई के आड़े आ रहा है। साल 2017 में बिना भवन के खोले गए इस कार्यालय ने प्राइमरी स्कूल के तीन महत्वपूर्ण कमरों पर कब्जा जमा रखा है, जिसके चलते नन्हे छात्र मात्र दो कमरों में पांच कक्षाएं लगाने को मजबूर हैं। दफ्तर के स्टोर और बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण होने वाला शोर बच्चों की एकाग्रता को भंग कर रहा है, जिससे उनका भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है। स्थानीय समाजसेवी राजू भाई ने इस स्थिति को बच्चों के साथ ‘क्रूर मजाक’ बताते हुए सरकार से मांग की है कि कार्यालय के लिए अलग भवन का निर्माण किया जाए और स्कूल के कमरे जल्द खाली किए जाएं, ताकि आधुनिक शिक्षा के दावे केवल कागजों तक सीमित न रहें।






