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जल है तो कल है, एसवीएन विद्यालय कुनिहार ने बस स्टैंडों पर जगाई चेतना,जल पखवाड़ा के तहत नुक्कड़ नाटक, शपथ और रचनात्मक गतिविधियों से दिया संरक्षण का संदेश

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कुनिहार
जल शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित जल पखवाड़ा के अवसर पर एसवीएन विद्यालय कुनिहार द्वारा ओल्ड बस स्टैंड और न्यू बस स्टैंड पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और अध्यापकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को जल संरक्षण का महत्व समझाया। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

विद्यालय प्रधानाचार्य निति चौधरी, शिखा शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विद्यालय में जल पखवाड़ा मनाया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को जल के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा जल बचाने की आदतों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में जनजागरूकता बेहद जरूरी है।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दर्शाया कि किस प्रकार अनियंत्रित जल दोहन जल की बर्बादी और प्राकृतिक जल स्रोतों की अनदेखी भविष्य के लिए खतरा बन सकती है। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि यदि आज जल संरक्षण के उपाय नहीं अपनाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। नाटक को लोगों ने सराहा और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अध्यापकों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण की शपथ ली। इस दौरान जल है तो कल है। हर बूंद कीमती है। जल बचाओ-जीवन बचाओ जैसे प्रेरणादायक नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। विद्यार्थियों ने लोगों से पानी का सोच-समझकर उपयोग करने वर्षा जल संचयन अपनाने और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने की अपील भी की।

विद्यालय अध्यक्ष टी.सी. गर्ग ने बताया कि जल पखवाड़ा के दौरान विद्यालय परिसर में अनेक शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें चित्रकला प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद, नारा लेखन, कार्यशालाएं और काउंसलिंग सत्र शामिल हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यवहारिक रूप से जल संरक्षण से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी स्वयं जागरूक होंगे। तभी वे अपने परिवार और समाज को भी प्रेरित कर सकेंगे। विद्यालय का प्रयास है कि बच्चे जल बचत को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रभारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि जल प्रकृति का अनमोल उपहार है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि आज जल को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। तभी आने वाला कल सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा।
इस अवसर पर विद्यालय के गुरुप्रीत वाजवा, लीना शर्मा, शिखा शर्मा, योगेश कोंडल, शास्त्री तथा अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जल बचाएं भविष्य संवारे के प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ।

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