कुनिहार
मई 2026 को पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन सोलन के संयोजक एवं वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर, श्यामलाल ठाकुर,नेकीराम,श्याम लाल भाटिया,दीप राम ठाकुर,नागेंद्र ठाकुर, रतिराम शर्मा, निर्मल ठाकुर, जसवीर सिंह,सतपाल शर्मा, लेखराम काईथ,संत राम चंदेल,पतराम,चमन लाल, पुष्पा सुद,इंदर सिंह,जियालाल,जीतराम,वेद ठाकुर,जीत सिंह,प्रेम कंवर इत्यादि ने अपने वर्चुअल मीटिंग द्वारा मुख्यमंत्री महोदय सुखविंदर सिंह ठाकुर की झूठी घोषणाओं पर रोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठे शख्स को झूठी घोषणा करके पुलिस पैनशर का मजाक उड़ाया जा रहा है जबकि मुख्यमंत्री महोदय कई बार अपने भाषण में घोषणा कर चुके हैं कि जितनी भी देनदारियां पेंशनरों की है उसे जल्दी दे दिया जाएगा और मेडिकल बिलो के बारे कई दफा झूठी घोषणा करते हुए कहा कि एक महीने के अंदर हिमाचल प्रदेश के जितने पेंशनर है उनकी मेडिकल बिल अदा कर दिया जाएगें मगर अफसोस है कि ऐसी सरकार हमने कभी नहीं देखी की इतनी बड़ी-बड़ी घोषणाएं झूठी करती है पहले भी सरकारे आती जाती रही मगर कभी ऐसा देखने को नहीं मिला की वर्तमान सरकार द्वारा कहा जाता हैं कि पिछले वाली सरकार 12000 करोड रुपए की देनदारियां उनके ऊपर छोड़ गई अपने आप साढे चार साल से मौज मस्ती कर रहे हैं और करीब डेढ़ साल के बाद जब दूसरी सरकार प्रदेश में आएगी तो वह भी यही रोना रोएंगे की पिछली सरकार हमारे ऊपर कई हजार रुपए की पेंशनरों की देनदारियां छोड़ गई यह सिर्फ एक दूसरे पर अपने बचाव में बयान दिए जाते हैं जबकि सरकार कोई भी हो वह अपने लिए तो उनके पास कोई आर्थिक स्थिति का संकट पैदा नहीं होता केवल पुलिस पेंशनरों के लिए जब उनकी देनदारी व मेडिकल बिलो की बात आती है तब इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है शर्म की बात है कि अपने आप तो चार-चार पेंशन एमएलए एमपी लाखों रुपए ले रहे हैं जबकि पुलिस पैनशर ने 24 घंटे रात दिन प्रदेश की कानून व्यवस्था में और इन की सुरक्षा में लगाए आज भी यह लोग पुलिस की सुरक्षा के बगैर एक कदम नहीं चल सकते और जब वह पुलिस कर्मी इनकी सुरक्षा के लिये रात दिन इनके साथ रहता है तो जब वह रिटायर हो जाता है तब उसके साथ भी यही व्यवहार किया जाता है जो आज हमारे साथ हो रहा है। पुलिस कर्मियों ने यह तो अपनी नौकरी के दौरान देखा था कि जितने सिविल विभाग के कर्मचारी होते थे वह अपनी मांगों के बारे धरना प्रदर्शन हड़ताल करते थे लेकिन पुलिस उनकी व इन माननीय की व सरकार की संपत्ति की सुरक्षा के लिए हर समय खड़ी रहती थी यह पहली दफा इस प्रदेश में हो रहा है कि आज उन्हीं पुलिस कर्मियों को रिटायर होने के बाद उनकी जो देनदारियां बकाया रहतीं है तो उनको देने में आनाकानी कर रहे हैं और अपने मेडिकल बिल व दूसरे वेतन भत्ते लगातार ले रहे हैं। पुलिस पेंशनरों ने कभी भी अपनी सर्विस के दौरान यह नहीं सोचा था कि जिस तरह से सिविल के कर्मचारी अपनी मांगों के बारे में हड़ताल करते रहे हैं तो पुलिस की नौकरी से रिटायर होने के बाद भी आज वर्तमान में पुलिस पेंशनरों को भी उनके साथ धरना प्रदर्शन व नारेबाजी करनी पड़ेगी यह कभी आज तक परदेस में नहीं हुआ कि की पुलिस पेंशनर अपनी हक की मांगों के लिए सड़कों पर उतरेंगे । यह प्रदेश के इतिहास में दर्ज हो गया है कि कभी ऐसी सरकार भी इस प्रदेश में आई थी कि पुलिस पैनशरों को अपने हक के लिए सड़कों पर आना पडा था जबकि पहले वाले मुख्यमंत्री महोदय ऐसी झूठी घोषणा नहीं करते थे ना ही उनके समय में पेंशनरों को अपनी मांगों के बारे सड़कों पर आना पड़ा और यह मुख्यमंत्री महोदय पता नहीं कितनी बार यह घोषणा कर चुके हैं कि पेंशनरों के मेडिकल बिल एक महीने के अंदर अदा कर दिए जाएंगे हमें यह समझ नहीं आ रहा है की इनका महिना कितने दिनों का होता होगा इस प्रकार से बहुत से पेंशनर जो गंभीर बीमारी से पीड़ित थे वह भगवान को प्यारे हो गए लेकिन इन्होंने कभी भी यह नहीं सोचा की इन्हीं लोगों ने सभी सरकारों को सुरक्षा प्रदान की और हर समय 24 घंटे प्रदेश की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए। संगठन मांग करती है कि इन झूठी घोषणा को पूरा करें जो भी उन्होंने बार-बार पेंशनरों को गुमराह किया है नहीं तो अगला कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए पेंशनर मजबूर हो जाएंगे।






