अर्की:- नागरिक चिकित्सालय अर्की में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की कथित मौत को लेकर अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार मृतका सीमा (44) पत्नी हंस राज निवासी चुनाड़ी गांव, ग्राम पंचायत भूमती को पथरी की समस्या के चलते अर्की अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बताया जा रहा है कि महिला का अस्पताल में ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें महिला की वास्तविक स्थिति से समय रहते अवगत नहीं कराया।
मृतका के पति हंस राज, भाई नित्या नन्द तथा दामाद दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि अस्पताल की ओर से उन्हें बताया गया कि महिला की हालत गंभीर है और उसे बेहतर उपचार के लिए शिमला स्थित आईजीएमसी रेफर किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार जब वे महिला को लेकर आईजीएमसी पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के उपरांत बताया कि महिला की मौत लगभग दो घंटे पहले ही हो चुकी थी।
इस खुलासे के बाद परिजनों ने अर्की अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सही जानकारी दी जाती और उचित उपचार मिलता तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर और क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के उपचार और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं खंड चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि घटना की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है तथा जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।






