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बीडीसी प्रत्याशी का नाम गायब,मतदान केंद्र पर हड़कम्प

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हिमाचल आजतक ब्यूरो:-

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के बीच मंडी जिले के करसोग से चुनावी प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। करसोग के थाच-थर्मी, प्रलोग और मेंडी बीडीसी वार्ड में एक उम्मीदवार का नाम बैलेट पेपर में ही नहीं लिखा गया। मामला सामने आते ही मतदान केंद्रों पर हड़कंप मच गया और चुनाव अधिकारियों को आनन-फानन में वोटिंग रोकनी पड़ी।

बीडीसी प्रत्याशी होशियार सिंह का नाम गायब
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ था। कुछ देर बाद मतदाताओं और चुनाव कर्मियों की नजर बैलेट पेपर पर पड़ी, जहां बीडीसी प्रत्याशी होशियार सिंह का नाम गायब था। जिस स्थान पर उनका नाम होना चाहिए था, वहां आगे कुर्सी का चुनाव चिन्ह और पीछे NOTA दर्ज था। इसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मतदान प्रक्रिया रोक दी गई।

एसडीएम मौके पर पहुंचे, डीसी को भेजी रिपोर्ट
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम करसोग गौरव महाजन स्वयं मौके के लिए रवाना हुए। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद पूरी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मंडी अपूर्व देवगन को भेजी। इसके बाद डीसी मंडी ने राज्य चुनाव आयोग को पूरे मामले की जानकारी दी।

बीडीसी चुनाव स्थगित, बाकी पदों के लिए वोटिंग जारी
राज्य चुनाव आयोग के निर्देश के बाद संबंधित बीडीसी वार्ड की वोटिंग फिलहाल रोक दी गई है। हालांकि प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य और जिला परिषद के लिए मतदान दोबारा शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीडीसी सदस्य के लिए मतदान अब किसी अन्य तारीख पर कराया जाएगा, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

लेखन कार्य में बरती गई कोताही
डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि बैलेट पेपर की प्रिंटिंग में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि नाम लिखने के दौरान कोताही बरती गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तीन पंचायतों का है यह बीडीसी वार्ड
बताया जा रहा है कि संबंधित बीडीसी वार्ड में थाच-थर्मी, प्रलोग और मेंडी पंचायत शामिल हैं। इनमें से थाच-थर्मी और प्रलोग पंचायत में मंगलवार को मतदान हो रहा था, जबकि मेंडी पंचायत में 28 मई को वोटिंग प्रस्तावित है।

इस घटना के बाद पंचायत चुनाव की व्यवस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मतदान केंद्रों पर मौजूद लोगों ने भी इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है।

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