Home » Uncategorized » पथरी के ऑपरेशन में महिला की मौत पर डॉ. रचना गुप्ता ने उठाए गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांगसीमा की मौत पर उठे कई अनसुलझे सवाल, डॉ. रचना गुप्ता बोलीं — सच्चाई सामने आनी चाहिए

पथरी के ऑपरेशन में महिला की मौत पर डॉ. रचना गुप्ता ने उठाए गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांगसीमा की मौत पर उठे कई अनसुलझे सवाल, डॉ. रचना गुप्ता बोलीं — सच्चाई सामने आनी चाहिए

Share:

अर्की:-

जिला सोलन के अर्की सिविल अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान हुई सीमा शर्मा की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 41 वर्षीय सीमा शर्मा एक साधारण ग्रामीण महिला थीं, जो रोज खेतों में काम करती थीं. परिजनों के अनुसार वह पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में घर से अस्पताल गई थीं, लेकिन ऑपरेशन थिएटर से जिंदा वापस नहीं लौटीं।
शुक्रवार को डॉ. रचना गुप्ता सीमा के घर चुनार गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। डॉ. रचना गुप्ता पूर्व वरिष्ठ सदस्य राज्य लोक सेवा आयोग, स्तंभकार हैं। उन्होंने परिवार के साथ लंबा समय बिताया, पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से सुना, सभी दस्तावेजों की जांच की तथा बाद में संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की।
डॉ. रचना गुप्ता ने परिजनों की बात सुनने के बाद कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सीमा का पथरी का ऑपरेशन किया गया था और उसी दौरान उसकी मृत्यु हुई, तो ऑपरेशन से संबंधित मेडिकल स्लिप्स और जरूरी दस्तावेज परिजनों को क्यों नहीं दिए गए? उन्होंने यह भी कहा कि सीमा का पोस्टमार्टम आईजीएमसी में करवाया जाना चाहिए था, लेकिन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने उनसे यह लिखवाया कि वे पोस्टमार्टम करवाने के इच्छुक नहीं हैं। डॉ. रचना गुप्ता ने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थिति में परिजनों से इस प्रकार का लिखित बयान क्यों लिया गया।उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की जांच चल रही है, तब तक संबंधित डॉक्टर को वहां से हटाया जाना चाहिए था, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। डॉ. रचना गुप्ता ने यह भी कहा कि दाह संस्कार के समय परिजनों ने सीमा की पीठ पर बड़े-बड़े नीले निशान होने की बात कही, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जहां एनेस्थीसिया दिया जाता है, वहां इस प्रकार के निशानों को लेकर भी मेडिकल स्तर पर गहराई से जांच होनी चाहिए।डॉ. रचना गुप्ता का मानना है कि इस मामले के हर पहलू की निष्पक्ष मेडिकल जांच होनी चाहिए तथा जांच टीम में ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल किए जाने चाहिए जिनका स्थानीय तंत्र से कोई संबंध न हो, ताकि रिपोर्ट पूरी तरह निष्पक्ष और विश्वसनीय हो सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा डॉक्टर के उसी स्थान पर रहते हुए निष्पक्ष जांच होना लगभग असंभव प्रतीत होता है।
उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वह उनके साथ खड़ी हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।डॉ. रचना गुप्ता ने सीमा शर्मा के पति हंस राज शर्मा को सांत्वना देते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में सभी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि यदि ऑपरेशन पर डॉक्टर्स के द्वारा लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।उसको सिर्फ़ १२ एमएम की पथरी थी। डॉ धीमन ने ख़ुद बोला की अप्रेशन को आ जाओ।
पति हंस राज शर्मा ने रोते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से उनकी पत्नी की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौत की जानकारी अर्की सीएचसी में नहीं दी. सीमा के पीठ पर नीले निशान थे. जहाँ पथरी का ऑपरेशन होना था वाहन कोई कट नहीं था. फिर डॉ ने ख़ुद ही 108 एंबुलेंस को बुला कर शिमला भेज दिया. साथ में कोई स्लिप या लिख कर नहीं दिया. डॉ ने कहा कि उनकी शिमला आईजीएमसी में बात हो गई है. पर जब वह शिमला आए तो शिमला के डॉक्टर्स ने बोला की सीमा तो मर चुकी है. फिर शिमला में डॉक्टर्स ने सीमा के पति से लिखा के लिया की वह पोस्ट मार्टम नहीं करवाना चाहते. हंस राज ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने शव सौंपने से पहले सादे कागज पर यह लिखवा लिया कि वे न तो एफआईआर करवाएंगे और न ही मेडिकल जांच की मांग करेंगे। परिवार का कहना है कि इस तरह की जल्दबाजी और व्यवहार कई गंभीर सवाल खड़े करता है और कहीं न कहीं मामले को दबाने की कोशिश का संकेत देता है।सीमा का परिवार सदमे में था. डॉ रचना गुप्ता ने बीएमओ से कई बार बात की तो उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया फिर जब काफ़ी देर बात बात हुई तो बीएमओ ने बोला की वह जल्द ही परिवार को बुला कर बयान लेंगे.

सीमा के परिवार ने डॉ रचना को कहा कि प्रशासन द्वारा जांच कमेटी में अर्की और सोलन के स्थानीय डॉक्टरों को शामिल न किया जाए, बल्कि शिमला या अन्य जिलों के स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाकर मामले की जांच करवाई जाए, ताकि सच्चाई निष्पक्ष रूप से सामने आ सके।डॉ. रचना गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की।

डॉ. रचना गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों के भरोसे का प्रश्न है। यदि एक सामान्य महिला मामूली पथरी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल जाती है और उसकी मौत हो जाती है, तो इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच होना आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *