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सीमा शर्मा मौत मामले में तीन सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं, क्षेत्र में बढ़ रहा आक्रोश

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अर्की:-नागरिक चिकित्सालय अर्की में पथरी के ऑपरेशन के दौरान हुई सीमा शर्मा की मौत को लगभग तीन सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से क्षेत्र में लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। परिजनों सहित स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घटना के बाद निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, किंतु अभी तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है और न ही किसी प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
उल्लेखनीय है कि चुनार गांव की 41 वर्षीय सीमा शर्मा की पथरी के ऑपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने उपचार प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे तथा मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की थी। इस दुखद घटना ने पूरे अर्की क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था और लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
इस मामले में पूर्व में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सोलन ने भी अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक समिति गठित की गई है तथा समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा था कि विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि सीएमओ के उक्त आश्वासन के बावजूद तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के मामलों में जांच प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और जनता का स्वास्थ्य संस्थानों पर विश्वास बना रहे। उनका कहना है कि जांच में हो रही देरी से लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं उत्पन्न हो रही हैं।
प्रदेश लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ स्तंभकार डॉ. रचना गुप्ता भी इस मामले में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठा चुकी हैं। उन्होंने मामले के विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाते हुए विशेषज्ञ समिति से जांच करवाने की आवश्यकता पर बल दिया था, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।
मृतका के परिजनों का कहना है कि उन्हें अभी तक जांच की प्रगति के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। उनका आग्रह है कि जांच रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक की जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या चूक पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का भी मानना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए ऐसे संवेदनशील मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि सीमा शर्मा मौत मामले में जांच कब पूरी होती है और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते है
इस मामले का पक्ष जानने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी सोलन को बार बार फोन किया गया परन्तु उन्होंने फोन नहीं उठाया

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