दाड़लाघाट:- सोलन जिला के अर्की तहसील में जिला स्तरीय बाड़ीधार मेले के दौरान सरयांज गांव में एक व्यक्ति पर हुए कथित जानलेवा हमले की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना में सरयांज निवासी महेश गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखा गया और उन्होंने मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तथा पुलिस तैनाती को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। जानकारी के अनुसार घटना मेले के दौरान सरयांज के मुख्य चौक क्षेत्र में हुई, जो मेले के समय लोगों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व वर्षों में मेले के दौरान इस स्थान पर पुलिस कर्मियों की नियमित ड्यूटी रहती थी, लेकिन इस बार घटना के समय मौके पर पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि चौक क्षेत्र में पुलिस की तैनाती होती तो इस प्रकार की घटना को रोका जा सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार हमले में महेश गुप्ता के सिर पर गंभीर चोट लगी। घायल को पहले स्थानीय स्तर पर सीएचसी अर्की में चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई गई, जिसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि चोट काफी गंभीर थी और मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। घटना के बाद मौके पर दाड़लाघाट पुलिस पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा एक महिला और एक अन्य व्यक्ति के बयान मौके पर दर्ज किए। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने पुलिस विभाग को इस संबंध में लिखित शिकायत भी सौंप दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरयांज पंचायत की आबादी लगभग तीन हजार के आसपास है और यह चौक पूरे क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र है। मेले के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग एकत्रित होते हैं। उनका मानना है कि ऐसे स्थान पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती आवश्यक थी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मेले को जिला स्तरीय दर्जा दिए जाने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कमजोर दिखाई दी। उनका कहना है कि पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों में कानून का भय बना रहता है और झगड़े या विवाद बढ़ने से पहले ही नियंत्रित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि यह भी जांच की जाए कि संबंधित स्थान पर पुलिस ड्यूटी निर्धारित थी या नहीं, और यदि ड्यूटी होने के बावजूद कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हमले में शामिल आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे किसी भी प्रकार की राहत न दी जाए। उनका कहना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि दोषी को ऐसा दंड मिलना चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे। लोगों ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय युवा भी मौजूद रहे। इनमें बॉबी, अमन, राजेंद्र, पवन, धर्मेंद्र, करण, हैप्पी, गौरव सहित अन्य कई युवक शामिल थे। युवाओं ने भी प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि भविष्य में बाड़ीधार मेले जैसे बड़े आयोजनों के दौरान संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उधर, पुलिस अधीक्षक सोलन तिरुमलाराजू एस.डी. वर्मा ने बताया कि घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, डीएसपी दाड़लाघाट नवीन झाल्टा ने बताया कि घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मौके पर एक होमगार्ड कर्मी तैनात था तथा मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






