बुघार कनैता ( सोलन ) पवन सिंघ:-
करोड़ों की सड़क दो साल में उखड़ी, गड्ढों में बदल गया विकास का दावा
दून, अर्की और सोलन विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाला एकमात्र पुल और उससे जुड़ी बुघार कनैता से बनियाँ देवी सड़क आज बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसने लोक निर्माण विभाग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस मार्ग पर आज सफर करना किसी खतरे से कम नहीं रह गया है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि स्थानीय लोग इसे “लाइफलाइन नहीं, बल्कि परेशानी लाइन” कहने लगे हैं।
करीब तीन वर्ष पहले बड़े-बड़े दावों और उद्घाटन समारोहों के बीच इस पुल और सड़क का उद्घाटन किया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि वर्षों की परेशानी खत्म होगी, लेकिन हकीकत यह रही कि सड़क पर बिछी तारकोल महज दो-तीन महीने में ही उखड़ गई। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए और विभाग ने स्थायी समाधान की बजाय मिट्टी डालकर केवल खानापूर्ति कर दी। आज हालात ऐसे हैं कि बुघार कनैता से बनियाँ देवी तक सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि वाहन चालकों को हर पल दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सड़क पर चलना नहीं, बल्कि गड्ढों से बचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
“सड़क में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क दिखाई देती है।”
ग्रामीण रमेश और पवन ने बताया कि सड़क खराब होने का सबसे बड़ा कारण पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होना है। सड़क किनारे नालियां नहीं बनाई गईं, जिससे बरसात का सारा पानी सीधे सड़क पर बहता है और सड़क को पूरी तरह तोड़ देता है। पिछले वर्ष बरसात में कई पुलियां भी बंद हो गई थीं, लेकिन विभाग ने आज तक उन्हें साफ करवाने की जहमत नहीं उठाई। बुघार गुजरान से पट्टा होते हुए बांवा बाड़ी पुल तक कहीं भी उचित नालियों की व्यवस्था नहीं है। नतीजा यह है कि हर बारिश के बाद सड़क और अधिक खस्ताहाल होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर वाहन चलाने से गाड़ियों को भारी नुकसान हो रहा है और कई बार हादसे होते-होते बचे हैं।
ग्राम पंचायत बुघार कनैता के प्रधान ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बातचीत की है। विभाग ने जल्द मशीन भेजने का आश्वासन दिया है।
वहीं जब हिमाचल आज तक के पत्रकार ने लोक निर्माण विभाग सब-डिवीजन चंडी के जेई श्याम लाल से बात की तो उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क पर मशीन भेजकर गड्ढे भर दिए जाएंगे और आगामी कार्यवाही भी की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पानी निकासी के लिए विभाग के पास उचित मशीन और बकेट उपलब्ध नहीं है।
लोक निर्माण विभाग कुनिहार के जेई ने बताया कि जिस ठेकेदार के पास इस सड़क की मेंटेनेंस थी, उसका कार्यकाल समाप्त हो चुका है और विभाग जल्द सड़क मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य शुरू करेगा।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर सड़क दो साल में ही क्यों टूट गई? यदि समय रहते पानी निकासी और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता, तो आज लोगों को इस बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर न करना पड़ता। अब ग्रामीणों का सब्र टूटता नजर आ रहा है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की हालत नहीं सुधरी तो क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की होगी।






