दाड़लाघाट:-अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में सोमवार को अंबुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक दिवसीय गेट मीटिंग आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने की, जबकि संचालन महामंत्री नरेश कुमार ने किया। बैठक में सीमेंट उद्योग से जुड़े बड़ी संख्या में श्रमिकों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने तथा श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ के महामंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में सीमेंट उद्योग के श्रमिक अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी समस्याओं का समाधान करवाना तथा कर्मचारियों के बीच एकता और विश्वास को मजबूत बनाना है। सभी श्रमिकों से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने और मजदूर एकता को सशक्त बनाने का आह्वान भी किया गया।
बैठक में विशेष रूप से सीमेंट निर्माता संघ द्वारा वेज बोर्ड वेतन समझौते में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की गई। महासंघ ने मांग उठाई कि ठेका एवं अस्थायी श्रमिकों को भी सीमेंट वेतन समझौते के दायरे में लाकर उनकी मजदूरी में उचित वृद्धि सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा सीमेंट उद्योग की मुख्य गतिविधियों में लागू ठेका प्रथा को समाप्त करने तथा लंबे समय से अस्थायी प्रकृति के कार्यों में लगे श्रमिकों को नियमित एवं स्थायी किया जाए। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 29 और 30 जून को उत्तर प्रदेश में आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देशभर के सीमेंट उद्योगों से जुड़े श्रमिकों की मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई थी। बैठक में इन मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार 3 अगस्त को देशभर के सभी सीमेंट उद्योगों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 13 अगस्त को प्रदेश स्तर पर किसी एक सीमेंट उद्योग के मुख्य गेट पर सामूहिक विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 3 सितंबर को नई दिल्ली में अखिल भारतीय स्तर पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न राज्यों से श्रमिक प्रतिनिधि भाग लेकर अपनी मांगों को बुलंद करेंगे। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सर्वसम्मति से सभी प्रस्तावों का समर्थन किया और श्रमिकों के अधिकारों तथा लंबित मांगों को लेकर महासंघ के आगामी आंदोलनों को सफल बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो महासंघ चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेगा।






