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शेरपुर का कैंची मोड़ काटते हुए फंसी एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बस,ग्रामीण परेशान।

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दाड़लाघाट(अत्री): घणागुघाट पंचायत के शेरपुर की कैंची पर सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे बुघार-दाड़ला से अर्की जा रही एचआरटीसी सोलन डिपो की नई इलेक्ट्रिक बस सड़क पर फंस गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मोड़ काटते समय बस की बॉडी निचे से सड़क से टच हो गई, जिसके बाद बस आगे-पीछे नहीं हो सकी। बस के काफी देर तक सड़क पर फंसे रहने से आवाजाही प्रभावित हुई और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद घणागुघाट के उपप्रधान हरीश कुमार व अन्य प्रत्यक्षदर्शीयों ने कहा कि ग्रामीण रूट पर नई इलेक्ट्रिक बस चलाने से पहले सड़क की स्थिति और बस की तकनीकी क्षमता के बीच अनुकूलता का मौके पर निरीक्षण किया जाना जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार, शेरपुर की कैंची पर मोड़ काटते समय बस की बॉडी सड़क से टकराने के बाद फंस गई। इससे यह सवाल सामने आया है कि बस संचालन से पहले पूरे रूट की स्थिति का व्यावहारिक स्तर पर निरीक्षण किया गया था या नहीं। हरीश ने कहा कि शेरपुर सहित आसपास के कई गांवों के स्कूली बच्चे और कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोग पिछले करीब एक सप्ताह से परिवहन संबंधी दिक्कतों के कारण परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा लोगों के लिए बेहद जरूरी है। विभाग को सड़क की वास्तविक स्थिति को देखते हुए यह तय करना चाहिए कि किस मार्ग पर कौन सी बस सुरक्षित और सुचारु रूप से चल सकती है। यदि किसी बस की तकनीकी बनावट या ग्राउंड क्लीयरेंस किसी ग्रामीण मार्ग के अनुकूल नहीं है तो उसके संचालन की समीक्षा की जानी चाहिए। लोगो ने कहा कि क्षेत्र की कई सड़कों पर तीखे मोड़, ऊबड़-खाबड़ हिस्से और कम चौड़ाई जैसी परिस्थितियां हैं। ऐसे में उनका कहना है कि बस सेवा के संचालन से पहले पूरे रूट का तकनीकी एवं सड़क स्तर पर निरीक्षण यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। उपप्रधान ने संबंधित विभाग से मौके की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार अथवा मार्ग के अनुरूप बस के संचालन की मांग की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होना क्षेत्र के लिए अच्छी सुविधा है, लेकिन बस की तकनीकी क्षमता और सड़क की परिस्थितियों में तालमेल होना जरूरी है। उनका कहना है कि समस्या का समाधान किसी पक्ष को दोष देने के बजाय रूट की तकनीकी समीक्षा और सड़क में आवश्यक सुधार के माध्यम से किया जाना चाहिए। बस के सड़क में फंसने के बाद स्थानीय लोगों ने समाजसेवक एवं सरकारी ठेकेदार अतुल शर्मा से मदद मांगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने करीब दस किलोमीटर दूर चल रहे अपने काम से जेसीबी और लेबर मौके पर भेजी। जेसीबी और लेबर की मदद से बस के फंसे हिस्से के नीचे सड़क की आवश्यक खुदाई कर उसे समतल किया गया। इसके बाद बस को बाहर निकालकर उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। स्थानीय लोगों ने अतुल शर्मा का मदद के लिए आभार जताया। हरीश ने कहा कि परिवहन विभाग और एचआरटीसी को बरसात के दिनों में अर्की क्षेत्र के पूरे ग्रामीण रूट का मौके पर निरीक्षण कर फिर बस संचालन करने का आग्रह किया ताकि लोगो को परेशान न होना पड़े । बॉक्स एचआरटीसी अर्की के अड्डा इंचार्ज राजेंद्र ने बताया कि इस रूट पर इससे पहले भी दो बार बस का सफल संचालन हो चुका है। इस बार चालक नया होने और कैंची मोड़ पर सड़क का हिस्सा समतल न होने के कारण बस थोड़ी फंस गई जिसे बाद में निकाल दिया गया ।

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