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संस्कृत मर्मज्ञ विद्वान डॉ. मस्त राम शर्मा की दो पुस्तकों ज्योतिषकुण्डली भावरहस्यम खंड-1 और मृगतृष्णा कविता संग्रह का लोक भवन हिमाचल प्रदेश शिमला में विमोचन

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दाड़लाघाट। दाड़लाघाट पंचायत के कोटला निवासी संस्कृत के मर्मज्ञ विद्वान डॉ. मस्त राम शर्मा की दो पुस्तकों ज्योतिषकुण्डली भावरहस्यम खंड-1 और मृगतृष्णा कविता संग्रह का लोक भवन हिमाचल प्रदेश शिमला में आयोजित गरिमामय समारोह में विमोचन किया गया। पुस्तकों का विमोचन प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. मस्त राम शर्मा को दोनों पुस्तकों के प्रकाशन पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ज्योतिष भारत की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे लेखक ने अपने परिश्रम और अध्ययन के माध्यम से जीवंत रखने का सराहनीय प्रयास किया है। राज्यपाल ने डॉ. शर्मा के कविता संग्रह मृगतृष्णा में पर्यावरण से जुड़े विषयों पर लिखी कविताओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के समक्ष रखना लेखक की सामाजिक चिंता और जागरूक नागरिक के रूप में उनकी सजगता को दर्शाता है। उन्होंने डॉ. शर्मा को आगामी साहित्यिक रचनाओं के लिए भी शुभकामनाएं दीं। डॉ. मस्त राम शर्मा ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद पुस्तकों के विमोचन के लिए समय देने पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का आभार जताया। विमोचन समारोह में ज्योतिष के विद्वान किशोरी लाल तथा हिमाचल प्रदेश के इतिहास एवं संस्कृति के क्षेत्र में स्थापित पहचान रखने वाले नेम चंद ठाकुर भी मौजूद रहे।

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