दाड़लाघाट। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 19 सितंबर को अर्की सायर मेले में पहुंचेंगे। उनके अर्की आगमन से पहले दाड़लाघाट के ट्रांसपोर्टरों की लंबे समय से लंबित किराया वृद्धि और एरियर की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठाई गई है। द बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा दाड़लाघाट के पूर्व प्रधान एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य रामकृष्ण शर्मा ने मुख्यमंत्री से ट्रांसपोर्टर वर्ग की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में दाड़लाघाट का ट्रांसपोर्टर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। स्थिति यह है कि क्षेत्र की करीब
आधी गाड़ियां खड़ी होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में अदाणी सीमेंट कंपनी की ओर से ट्रकों के भाड़े में 10 प्रतिशत से अधिक की कटौती की गई थी। इससे पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे ट्रांसपोर्टरों की स्थिति और खराब हुई है। उन्होंने कहा कि उस समय मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से तत्कालीन 13 पैसे की वृद्धि जल्द ही कंपनी से दिलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक यह वृद्धि ट्रांसपोर्टरों को नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि करीब चार वर्षों से अंबुजा सीमेंट कंपनी की ओर से किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि फरवरी 2022 के बाद से किराया वृद्धि लंबित है। रामकृष्ण शर्मा ने सिविल सप्लाई के मालभाड़े का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सिविल सप्लाई के किराए में वर्ष 2014 के बाद से अब तक कोई वृद्धि नहीं हुई है। पहले हर वर्ष उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर किराया वृद्धि को लेकर समीक्षा की जाती थी, लेकिन लंबे समय से यह प्रक्रिया नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्षों से सिविल सप्लाई के किराए में निर्धारित फार्मूले के अनुसार वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अंबुजा सीमेंट कंपनी और सिविल सप्लाई के किराए में वृद्धि को लेकर जल्द उच्च स्तरीय बैठक बुलाने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष किराया वृद्धि की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि बढ़ती महंगाई और परिवहन लागत के अनुसार ट्रांसपोर्टरों को उचित भाड़ा मिल सके। रामकृष्ण शर्मा ने मांग की कि ट्रकों के किराए में बढ़ती महंगाई दर के अनुरूप तुरंत प्रभाव से वृद्धि की जाए। इसके साथ ही अंबुजा सीमेंट कंपनी और सिविल सप्लाई से लंबित किराया वृद्धि का एरियर भी ट्रांसपोर्टरों को दिलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का ट्रांसपोर्टर वर्ग लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर सरकार और संबंधित कंपनियों के समक्ष अपनी मांगें रखता रहा है। इसके बावजूद समाधान नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के पक्ष में खुलकर समर्थन किया था, लेकिन वर्तमान में ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। रामकृष्ण शर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 19 सितंबर को अर्की आगमन के दौरान दाड़लाघाट के ट्रांसपोर्टरों की इन लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा अंबुजा सीमेंट कंपनी और सिविल सप्लाई विभाग के साथ उच्च स्तरीय बैठक करवाकर किराया वृद्धि का रास्ता साफ किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि परिस्थितियां बिगड़ने से पहले ट्रांसपोर्टर वर्ग के हित में आवश्यक निर्णय लिया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके।






