अर्की
राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अर्की दौरे को स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी के नेतृत्व और क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ को भी मजबूती मिली है।
अर्की विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का पुराना प्रभाव रहा है। 2017 में भाजपा के रतन पाल ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जबकि 2021 के उपचुनाव में कांग्रेस के संजय अवस्थी ने भाजपा प्रत्याशी रतन पाल को हराया। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी अवस्थी ने जीत दर्ज की।
वहीं भाजपा के सामने संगठनात्मक स्तर पर पुराने चेहरों के साथ नए दावेदारों को साधने की चुनौती बनी हुई है। पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और रतन पाल भाजपा के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। 2007 और 2012 में गोविंद राम शर्मा ने भाजपा के टिकट पर अर्की से जीत दर्ज की थी, जबकि 2017 में भाजपा ने रतन पाल को प्रत्याशी बनाया था।
2021 के उपचुनाव में संजय अवस्थी को 30,798 वोट मिले थे, जबकि रतन पाल को 26,075 वोट प्राप्त हुए थे। 2022 के चुनाव में भी अवस्थी ने जीत हासिल की। ऐसे में आगामी राजनीतिक समीकरणों में कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व और भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






