चौपाल (शिमला): 10 वर्षीय महक और 7 वर्षीय कनक ने IGMC शिमला में इलाज के दौरान तोड़ा दम; पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
नेरवा/चौपाल:
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल उपमंडल अंतर्गत नेरवा क्षेत्र के टेलर गांव से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहां दो सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय महक और 7 वर्षीय कनक के रूप में हुई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में मातम पसरा है।
खेत से लौटी मां तो कमरे में बेहोश मिलीं बच्चियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें 20 सितंबर की रात अपने माता-पिता के साथ घर की धरातल मंजिल (ग्राउंड फ्लोर) स्थित कमरे में सोई थीं। अगले दिन सुबह जब मां खेत से काम निपटाकर वापस घर लौटीं, तो उन्होंने दोनों बच्चियों को कमरे में अचेत अवस्था में पाया। इसी दौरान मां ने एक सांप को कमरे से बाहर जाते देखा, जिसके बाद परिजनों ने बच्चियों को सांप के काटने (सर्पदंश) की आशंका जताई।
तीन अस्पतालों के चक्कर के बाद IGMC में तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने दोनों बच्चियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) त्यूनी पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर उन्हें नागरिक अस्पताल (CHC) रोहड़ू और उसके बाद इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला रेफर किया गया। IGMC में उपचार के दौरान पहले 10 वर्षीय महक ने और कुछ समय बाद 7 वर्षीय कनक ने भी दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। चिकित्सकों की अंतिम राय और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
एसडीएम चौपाल ने बताया कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सर्पदंश सिद्ध होता है, तो राज्य सरकार के राहत मैनुअल के अनुसार पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक राहत राशि प्रदान की जाएगी।






