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दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट की हालत सही नहीं,ट्रांसपोर्ट कारोबार मुश्किल दौर में:-जयदेव

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दाड़लाघाट। दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट कारोबार लगातार मुश्किल दौर से गुजर रहा है। बढ़ती महंगाई और संचालन खर्च के मुकाबले ट्रकों के किराये में पर्याप्त वृद्धि न होने के कारण ट्रांसपोर्टरों का नुकसान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि जिस ट्रांसपोर्ट कारोबार को समय के साथ आगे बढ़ना चाहिए था, वह लगातार सिमटता जा रहा है और कई वाहन संचालक अपने वाहनों को खड़ा करने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा दाड़लाघाट के पूर्व कार्यालय सचिव, समाजसेवक एवं ट्रांसपोर्टर जयदेव ठाकुर ने कहा कि दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट की हालत अब सही नहीं है। दिन-प्रतिदिन नुकसान बढ़ता जा रहा है, जबकि काम बढ़ने के बजाय लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा कि डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, वाहन मरम्मत, बीमा और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन ट्रकों के किराये में उसके अनुरूप वृद्धि नहीं की गई है। इससे ट्रांसपोर्टरों के सामने वाहनों का संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। जयदेव ठाकुर ने कहा कि अंबुजा सीमेंट कंपनी की ओर से फरवरी 2022 के बाद ट्रकों के किराये में कोई वृद्धि नहीं की गई है। वर्ष 2022 में किराये में 10 प्रतिशत से अधिक की कटौती किए जाने से भी ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा था। उस समय तत्कालीन 13 पैसे की वृद्धि दिलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह वृद्धि आज तक नहीं मिल पाई है। करीब चार वर्षों से किराया वृद्धि लंबित होने के कारण ट्रांसपोर्टरों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सिविल सप्लाई के ट्रकों के किराये में भी वर्ष 2014 के बाद से कोई वृद्धि नहीं हुई है। पहले किराये की समीक्षा और वृद्धि को लेकर उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जाती थीं, लेकिन लंबे समय से इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। जबकि इस अवधि में वाहनों के संचालन से जुड़े खर्चों में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है। जयदेव ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की कि अंबुजा सीमेंट कंपनी और सिविल सप्लाई के किराये में वृद्धि को लेकर तत्काल उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ट्रकों के किराये में उचित वृद्धि तुरंत प्रभाव से लागू की जानी चाहिए। साथ ही वर्षों से लंबित किराया वृद्धि का एरियर भी ट्रांसपोर्टरों को दिलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट का ट्रांसपोर्ट कारोबार क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है। ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ने का असर वाहन चालकों, परिचालकों, मैकेनिकों, टायर एवं स्पेयर पार्ट्स कारोबारियों सहित इससे जुड़े अन्य लोगों पर भी पड़ता है। यदि ट्रांसपोर्ट कारोबार लगातार कमजोर होता गया तो इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। जयदेव ठाकुर ने कहा कि सरकार को ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समय रहते ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि किराया वृद्धि के साथ-साथ लंबित मामलों का भी समाधान किया जाए, ताकि दाड़लाघाट के ट्रांसपोर्टरों को राहत मिल सके और लगातार घटते कारोबार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टरों के सामने अपने वाहनों का संचालन जारी रखना और अधिक कठिन हो जाएगा।

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