कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
रामलीला जनकल्याण समिति के सोजन्य से राम लीला के दूसरे दिन का आगाज माँ दुर्गा की झांकी के साथ हुआ ।जगदीश अत्रि पूर्व प्रधान हाटकोट व समाज सेवी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर माँ दुर्गा का आशीर्वाद लिया ।उन्होंने शारदीय नवरात्रों में समिति द्वारा संचालित कार्यक्रमों को सराहा व कहा ,कि सनातन संस्कृति से आज की युवा पीढ़ी को राम के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा ।
रामलीला के रूप सज्जा निदेशक अक्षरेश शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया ।जगदीश अत्री ने समिति को 11000 रू की राशि भेंट की । 
रामलीला के दूसरे दिन रामलीला का आगाज रावण द्वारा काल को बंधक बना कर दरबार में अपने सेवकों के साथ आने का सुन्दर दृश्य दिखाया गया । भगवान शंकर द्वारा रावण की भक्ति से प्रसन्न हो कर चंद्रहास खड्ग देना,जनक दरबार,दशरथ दरबार के खूबसूरत दृश्यों का मंचन किया गया।
दूसरे दिन की लीला में श्रवण कुमार द्वारा अपने अंधे माता पिता के नेत्रों के उपचार हेतु द्शरथ दरबार में पहुंचना व गुरु वशिष्ठ के कथनानुसार कि तुम अपने माता पिता को तीर्थ करवाओ ,जिससे उनकी आंखों की रोशनी भी आ जाएगी ।श्रवण कुमार द्वारा अपने माता पिता को अनेकों तीर्थ स्थानों का भ्रमण करते हुए अयोध्या पहुंचना व माता पिता को प्यास लगने पर उनके लिये जल लाने जाना,जंहा पर राजा द्शरथ के आखेट के दौरान श्रवण कुमार को बाण लगना व श्रवण कुमार की मौत का मार्मिक दृश्य दिखाया गया ।इसके पश्चात श्रवण के माता पिता द्वारा दशरथ को श्राप देना,कि जिस तरह पुत्र वियोग में हम मर रहे है,उसी तरह एक दिन तू भी पुत्र वियोग में मरेगा।
राज दरबार परिसर में चल रही रामलीला को दर्शकों का अथाह प्यार मिल रहा है ।इस दौरान समिति की और से पंडाल में मौजूद दर्शकों के लिए प्रसाद सहित चाय की व्यवस्था भी रहती है । इस दौरान समिति के वरिष्ठ सदस्य देवेंद्र शर्मा ,अक्षरेश शर्मा ,प्रधान रितेश जोशी ,राधा रमण शर्मा ,अजय जोशी,संदीप जोशी,अरविंद जोशी ,संजय जोशी ,मुकेश कुमार ,राहुल शर्मा सहित सभी सदस्य मौजूद रहे ।






