कुनिहार:-
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे नशे के प्रचलन को लेकर अब सामाजिक संगठनों ने भी खुलकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। समाज में फैल रही इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए संभव चेरिटेबल संस्था की अध्यक्ष कौशल्या कंवर ने शनिवार को थाना कुनिहार के थाना प्रभारी को एक मांग पत्र सौंपकर क्षेत्र में नशे के बढ़ते कारोबार और सेवन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
संस्था की ओर से सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है। जिससे उनका भविष्य अंधकार की ओर बढ़ रहा है। पढ़ाई की उम्र में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। जो परिवार और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है।
कौशल्या कंवर ने कहा कि हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नशे से जुड़ी कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं। जिन्होंने समाज को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि यदि समय रहते कठोर और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि स्कूलों और कॉलेजों के खुलने एवं छुट्टी के समय नियमित गश्त बढ़ाई जाए। ताकि विद्यार्थियों के आसपास संदिग्ध तत्व सक्रिय न हो सकें। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों बाजारों और सुनसान क्षेत्रों में भी निगरानी मजबूत की जाए।
संस्था अध्यक्ष ने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई से निपटने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी भी जरूरी है। इसके लिए एक संयुक्त कमेटी गठित की जाए। जिसमें पुलिस विभाग स्थानीय प्रशासन पंचायत प्रतिनिधि सामाजिक संगठन तथा महिलाओं को शामिल किया जाए। यह कमेटी समय-समय पर बैठकों के माध्यम से रणनीति तैयार करे और क्षेत्र में नशा विरोधी अभियान चलाए।
मांग पत्र में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। संस्था ने सुझाव दिया कि स्कूलों कॉलेजों और पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। जहां विशेषज्ञों और चिकित्सकों के माध्यम से नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाए।
कौशल्या कंवर ने विश्वास जताया कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर विषय को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करें तो कुनिहार क्षेत्र को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने भी सामाजिक संस्था की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे समय की जरूरत बताया है। लोगों का कहना है कि युवाओं को बचाने के लिए अब निर्णायक कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।
वहीं उनके साथ मीरा शर्मा, उर्मिला शर्मा, रीता, अनु, मीना शर्मा, संतोष भारद्वाज आदि महिलाएं मौजूद रही।






