Home » Uncategorized » अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं को किया गया जागरूक

अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं को किया गया जागरूक

Share:

अर्की:-

अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर आज सिविल अस्पताल अर्की में आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डॉ. मुक्ता रस्तोगी, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की समस्या, विशेष रूप से “चिट्टा” (हेरोइन) तथा अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति आशा कार्यकर्ताओं को जागरूक करना तथा उन्हें नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में एचआईवी काउंसलिंग एवं परीक्षण सेवाएं , सिविल अस्पताल अर्की के परामर्शदाता डॉ. विजय कुमार शांडिल ने बतौर संसाधन व्यक्ति उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं बल्कि मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्तर पर भी विनाशकारी परिणाम उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति को अपराध, पारिवारिक विघटन, बेरोजगारी तथा अनेक गंभीर बीमारियों की ओर धकेल सकती है।

डॉ. शांडिल ने आशा कार्यकर्ताओं को बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्तियों में एचआईवी, हेपेटाइटिस बी एवं सी तथा अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है, विशेषकर जब संक्रमित सुइयों का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं, किशोरों तथा आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें और नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को स्वास्थ्य संस्थानों एवं नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान नशे के बढ़ते प्रचलन के कारणों, इसके सामाजिक प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आशा कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर नशा विरोधी संदेश पहुंचाने, जोखिम वाले युवाओं की पहचान करने तथा समय पर परामर्श एवं उपचार सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

डॉ. विजय शांडील ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने कार्यक्षेत्र में नशा विरोधी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी आशा कार्यकर्ताओं ने नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने तथा लोगों को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। अंत में सभी आशाओं द्वारा नशे के विरुद्ध शपथ भी ली गई!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *